शिव जी के मंत्र जप और विधि

Mantra Of Lord Shiva and How To Chant Them . Shiv Famous Mantra in Hindi 

सोमवार को शिवलिंग की पूजा अर्चना के बाद कुश के आसन पर विराजमान होकर रुद्राक्ष माला से इन शिव के चमत्कारी मंत्रों का जप करना विलक्षण सिद्धि व मनचाहे लाभ देने वाला होता है | ये चमत्कारी मंत्र भगवान शिव भोलेनाथ की कृपा दिलाने में सहायक है . 

शिव शंकर को भोलेनाथ कहा जाता है जो साधक के एक लोटे जल से ही प्रसन्न हो जाते है ऐसे में इनके मंत्रों का जप करना कितना कल्याणकारी होगा . 

धन लाभ के लिए शिव पुराण में बताया गया है यह उपाय 

shiv ji ke chamtkari mantra

यह मंत्र ११ , २१ , १०१ ,१००१ बार बोले जा सकते है | ध्यान रखे की मंत्र उच्चारण सही हो और मन उस समय चंचल नहीं हो | मंत्र को सिद्ध करने के लिए उसकी जप संख्या तक जप करके उसका दशांश हवन किया जाता है |

शिवजी के कुछ नामो से जुड़े मंत्र

  1. ॐ अघोराय नम:
  2. ॐ शर्वाय नम:
  3. ॐ विरूपाक्षाय नम:
  4. ॐ त्र्यम्बकाय नम:
  5. ॐ विश्वरूपिणे नम:
  6. ॐ कपर्दिने नम:
  7. ॐ भैरवाय नम:
  8. ॐ शूलपाणये नम:
  9. ॐ ईशानाय नम:
  10. ॐ महेश्वराय नम:

यह है आशुतोष भगवान शिव को प्रसन्न करने के अत्यंत सरल और अचूक मंत्र। इन मंत्रों का प्रतिदिन रुद्राक्ष की माला (Rudraksh Mala ) से जप करना चाहिए। जप पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके करना चाहिए।

जप के पूर्व शिवजी को बिल्व पत्र अर्पित करना या उनके ऊपर जलधारा लगाना चाहिए।

कुछ अन्य शिवजी के मंत्र 

  • ॐ हौं जूं सः ।
  • नमः शिवाय ।
  • ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय ।
  • ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्त्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा ।
  • इं क्षं मं औं अं ।
  • प्रौं ह्रीं ठः ।
  • ऊर्ध्व भू फट् ।
  • नमो नीलकण्ठाय ।
  • ॐ पार्वतीपतये नमः ।
  • ॐ पशुपतये नम:

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इसके अलावा काल पर विजय प्राप्त (Victory on Death) करने वाला महामृत्युञ्जय मंत्र भी सर्वोतम है |

" ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ " 


महामृत्युञ्जय मंत्र का हिंदी अर्थ -  

हे तीन आँखों वाले (त्रिनेत्रधारी ) महादेव शिव , हमारे पालनहार, पालनकर्ता, जिस प्रकार पका हुआ खरबूजा बिना किसी यत्न के डाल से अलग हो जाता है, उसी तरह हम पर अपनी कृपा रखकर  हमें भी  इस दुनिया के मोह एवं माया के बंधनों एवं जन्म मरण के चक्र से मुक्ति दीजिए अर्थात हमें मोक्ष दिलाये . 

शिवजी का पंचाक्षर  मंत्र - Shiv Panchakashar Mantra 

भगवान शिव को प्रसन्न करने का यह बहुत ही सरल पर अत्यंत प्रभावी मंत्र है.

मंत्र :- ॐ नमः शिवाय:

इस मंत्र को बच्चे भी आसानी से याद कर लेते है . इस मंत्र का 108 बार जाप करने से हर सुख शांति की प्राप्ति हो सकती है . धर्म पुराणों में इस मंत्र की अद्भुत शक्तियों के बारे में बताया गया है . यह मंत्र अमोघ एवं मोक्षदायी है, किंतु विषम काल में यदि भक्त पर कोई कठिन व्याधि या समस्या आन पड़े तब श्रद्धापूर्वक ‘ॐ नमः शिवाय शुभं शुभं कुरू कुरू शिवाय नमः ॐ’ के मंत्र का एक लाख जप करना चाहिए। यह बड़ी से बड़ी समस्या और विघ्न को टाल देता है।

शिवजी का गायत्री मंत्र - Shiv Gayatri Mantra 

भगवान शिव की कृपा दिलाने में शिव गायत्री मंत्र को भी सबसे अधिक प्रभावी माना जाता है .

मंत्र :- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे , महादेवाय धीमहि , तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्

यह सुखकर्ता और दुःखहर्ता मंत्र शिवलिंग पर जल अभिषेक करते समय जपना चाहिए . यह महाशक्तिशाली और दिव्य मंत्र है .

शिव रूद्र मंत्र - Shiv Rudra Mantra 

यह मंत्र भगवान भोलेनाथ का रूद्र मंत्र कहलाता है . माना जाता है कि यह मंत्र सर्वकार्यसिद्धि कर्ता मंत्र है जिसका जाप करने से साधक अपार शांति को प्राप्त करता है .

मंत्र : ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः 

सारांश 

  1.  तो सनातन प्रेमियों इस आर्टिकल में हमने आपको भगवान शिव के चमत्कारी शक्तिशाली मंत्रो के बारे में बताया है . यहा हमने वे सभी मुख्य शिव मंत्र डाले है जो प्रसिद्ध है . साथ ही हमने शिव जी के मंत्रो को जप करने का तरीका भी बताया है . आशा करता हूँ आपको यह पोस्ट जरुर पसंद आई होगी . 






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