तुलसी के पौधे के साथ भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना लक्ष्मी हो जाएगी रुष्ट 

हिन्दू धर्म में लक्ष्मी रूपा तुलसी जी का पौधा अत्यंत पूजनीय है और लगभग हर घर में इसे लगाकर पूजा जाता है . इसे विष्णु और लक्ष्मी कृपा का प्रतीक माना गया है . तुलसी को पहले वृंदा के नाम से जाना जाता था जिसके ऊपर ही कृष्ण की वृन्दावन बना है . 

तुलसी जी के पौधे के साथ ये गलती ना करे

तुलसी जी की महिमा इतनी महान है कि तुलसी जी घर में आने वाले संकट का भी संकेत दे देती है .

शास्त्रों में तुलसी जी के पौधे से जुड़े बहुत से नियम बताये गये है जिनका पालन हर व्यक्ति को करना चाहिए . 

सुख जाए तुलसी तो क्या करे ?

यदि किसी कारण वश आपके घर में लगा तुलसी जी का पौधा सुख जाए तो आपको इसे भूल से भी जलाना नही चाहिए . इसे आप घर पर भी ना रखे . यह सुखा हुआ तुलसी जी का पौधा दुर्भाग्य लाता है . इसे आप जमीन में मिट्टी खोद कर दबा दे या फिर किसी बहते जल में प्रवाहित कर दे .

बहुत से लोग तुलसी जी के डंठल को छिलकर उससे माला भी बनाते है जिसे तुलसी माला कहा जाता है . इस माला को पहनने वालो पर भगवान श्री कृष्ण की विशेष कृपा रहती है . 

 

तुलसी पत्ते का ना करे अपमान ?

ध्यान रखे कि तुलसी जी का पत्ता यहा वहाँ जमीन पर बिखरा हुआ नही होना चाहिए . यह भूल से भी किसी के पैरो के निचे नही आना चाहिए .  यदि आपको तुलसी जी के पत्ते जमीन पर दिखाई दे तो आप उसे संभाल कर रख ले . 


तुलसी जी का गमला हो साफ़ जगह

इसके साथ आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कि तुलसी जी का गमला अपने सही जगह हो  .इसके आस पास शुद्धता का ध्यान रखा जाना चाहिए .  जहाँ तुलसी जी का पौधा हो वहा कभी जूते चप्पल ले कर नही जाना चाहिए . 

तुलसी जी अपने आप में एक देवी माँ के तुल्य है , इसका अपमान स्वयं देवी का अपमान है अत: इसकी जगह शुद्ध और पवित्र होनी चाहिए . 

 तुलसी की पूजा में बोले नामाष्टक मंत्र - तुलसी जी के आठ नाम 

विशेष रविवार को तुलसी को ना सींचे 


शास्त्रों में बताया गया है कि रविवार के दिन तुलसी जी में ना तो पानी देना चाहिए और ना ही तुलसी जी के पौधे को छूना चाहिए . इस दिन वो भगवान विष्णु जी की भक्ति में लीन रहती है अत: उनका ध्यान अपनी तरफ नही खीचना चाहिए .

बिना शुद्ध हुए तुलसी जी के पत्ते ना तोड़े      


जब भी आपको तुलसी जी के पत्ते तोड़ने हो तो ध्यान रखे कि आप शुद्ध हो अर्थात आप नहाहे हुए होने चाहिए और हाथ भी शुद्ध जल से धोकर ही तुलसी जी के पत्ते तोड़ने चाहिए . 

tulsi ji ke patte


यदि आप अशुद्ध होकर तुलसी जी के पत्ते तोड़ेंगे तो यह दोष उत्पन्न करेगा .


कुछ तिथियों पर ना तोड़े तुलसी जी के पत्ते      


शास्त्रों में बताया गया है कि कुछ विशेष तिथियों पर तुलसी जी के पत्ते नही तोड़ने चाहिए . ये विशेष तिथि है एकादशी , द्वादशी . आपको एकादशी से पहले ही तुलसी के पत्ते तोड़ कर रख लेने चाहिए जिससे की एकादशी के भोग में आप उन्हें काम में ले सके .

तुलसी को पूजा से दूर ना रखे 

हर दिन तुलसी जी की पूजा करनी चाहिए . जिस घर में तुलसी लगी होने के बाद भी पूजा अर्चना नही होती , उस घर पर लक्ष्मी जी रुष्ट हो जाती है .

सुबह शाम तुलसी जी की पूजा नियम से धुप दीपक जलाकर करनी चाहिए .

तुलसी जी गमला ना हो प्लास्टिक का 

प्लास्टिक को अशुद्ध माना गया है अत: तुलसी जी का गमला प्लास्टिक का नही होना चाहिए , सबसे अच्छा होगा कि आप मिट्टी के गमले में तुलसी जी को लगाये .

तुलसी जी के गमले में ना हो दुसरे पौधे 


कई बार तुलसी जी के गमले कई अनचाहे पौधे उग जाते है , अत: आपको समय समय पर ऐसे जंगली पौधो को उखाड़ देना चाहिए .

सारांश 

  1. तो सनातन प्रेमियों आपने इस आर्टिकल में जाना कि वो कौनसी गलतियां है जो हमें तुलसी जी के पौधे के साथ कभी नही करनी चाहिए . आशा करता हूँ आपको यह पोस्ट जरुर पसंद आई होगी. 



Post a Comment

Previous Post Next Post