भगवान सूर्य देव आरती hindi / english 

भगवान सूर्य जो कश्यप ऋषि के पुत्र है और अदिति उनकी माता है | जो समस्त संसार को नित्य प्रकाश प्रदान करने वाले है | जिनकी प्रशंसा में वेद पुराण भरे पड़े है | ऐसे भगवान की आरती स्तुति करके हमें नित्य उनका आशीष लेना चाहिए | 

sury devta ki aarti

भगवान सूर्य को ना सिर्फ हिन्दु धर्म में पूजनीय बताया गया है बल्कि सभी दुसरे धर्मो में ही ये एक पॉजिटिव एनर्जी का सबसे बड़ा स्त्रोत है . यह अंधकार रूपी नकारात्मकता को दूर करने वाले है . 

सूर्य से ही इस धरती पर जीवन है , सूर्य से ही वर्षा है , सूर्य से ही मौसम है . 

सूर्य आरती जय कश्यप नंदन

जय कश्यप नन्दन, स्वामी जय कश्यप नन्दन। 

त्रिभुवन तिमिर निकंदन, भक्त हृदय चन्दन॥ जय कश्यप नन्दन

सप्त अश्वरथ राजित, एक चक्रधारी।

दु:खहारी, सुखकारी, मानस मलहारी॥ जय कश्यप नन्दन

सुर मुनि भूशर वन्दित, विमल विभवशाली।

अघ-दल-दलन दिवाकर, दिव्य किरण माली॥ जय कश्यप नन्दन

सकल सुकर्म प्रसाविता, साविता शुभकारी।

विश्व विलोचन मोचन, भव-बंधन भारी॥ जय कश्यप नन्दन

कमल समूह विकाशक, नाशक त्रय तापा।

सेवत साहज हरता अति, मनसिज संतापा॥

जय कश्यप नन्दननेत्र व्याधि हर सुरवर, भू-पीड़ा हारी।

वृष्टि विमोचन संतत, परहित व्रतधारी॥ जय कश्यप नन्दन

सूर्यदेव करुणाकर, अब करुणा कीजै।

हर अज्ञान मोह सब, तत्वज्ञान दीजै॥ जय कश्यप नन्दन

जय कश्यप नन्दन, स्वामी जय कश्यप नन्दन।

त्रिभुवन तिमिर निकंदन, भक्त हृदय चन्दन॥ जय कश्यप नन्दन

Surya Dev Aarti in English 

Jai Kashyap-Nandan,Om Jai Aditi-Nandan।

Tribhuvana-Timira-Nikandana,Bhakta-Hridaya-Chandana॥

Jai Kashyap-Nandan, Om Jai Aditi-Nandan।

Sapta-Ashvaratha Rajita,Ek Chakradhari।

Dukhahari-Sukhakari,Manasa-Mala-Hari॥

Jai Kashyap-Nandan, Om Jai Aditi-Nandan।

Sura-Muni-Bhusura-Vandita,Vimala Vibhavashali।

Agha-Dala-Dalana Diwakara,Divya Kirana Mali॥

Jai Kashyap-Nandan, Om Jai Aditi-Nandan।

Sakala-Sukarma-Prasavita,Savita Shubhakari।

Vishwa-Vilochana Mochana,Bhava Bandhana Bhari॥


Jai Kashyap-Nandan, Om Jai Aditi-Nandan।

Kamala-Samuha-Vikasaka,Nashaka Traya Tapa।

Sevata Sahaja Harata,Ati Manasija-Santapa॥

Jai Kashyap-Nandan, Om Jai Aditi-Nandan।

Netra-Vyadhi-HaraSurvara Bhu-Pida-Hari।

Vrishti-VimochanaSantata Parahita-Vratadhari॥

Jai Kashyap-Nandan, Om Jai Aditi-Nandan।

Suryadeva Karunakara,Ab Karuna Kijai।

Hara Agyana-MohaSab Tatvagyana Dijai॥

Jai Kashyap-Nandan, Om Jai Aditi-Nandan।


सूर्य आरती  का सार क्या है 

हे कश्यप ऋषि के पुत्र आपकी जगह हो ,

भक्तो के दिल में बसने वाले और तीनो लोको को अंधकार से उभारने वाले आपको नमन है . 

सप्त घोड़ो के रथ पर सवार दुःख दूर करने वाले और सुख बरसाने वाले सूर्य देव 

आप ऋषि मुनियों द्वारा पूजित है और आप अनंत किरणों का प्रकाश पुंज है . 

 आपसे से हरा भरा जीवन है और आप तिमिर को दूर करने वाले है . 

हे सूर्य देव हमें उजाले  रूपी प्रकाश प्रदान करे और हमारे अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करे . 

भगवान सूर्य देवता  की आरती PDF Download 

क्लिक करे - Surya Devta Hindi Aarti pdf file

सारांश 

  1. तो दोस्तों भगवान सूर्य देव की आरती का पाठ हमने आपको यहा बताया जिसे आप पढ़ सकते है और साथ ही डाउनलोड भी कर सकते है . हमने पीडीऍफ़ भी आरती का इस वेबसाइट पर डाला है .  आशा करता हूँ कि आपको यह पोस्ट जरुर पसंद आई होगी .

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