नीलम रत्न धारण करने से पहले ध्यान रखे ये बाते


Neelam Ratan Se Judi Rochak Baate . नीलम को नीलमणि या अंग्रेजी में सैफायर नाम से भी जाना जाता है। इसकी गुणवत्ता निःसंदेह है किंतु तब जबकि इसमें किसी प्रकार का कोई दोष न हो। चीरा लगा, धारीदार, सफेदी लिए हुए अथवा किसी भी खण्डित नीलम धारण करने से लाभ की जगह नुकसान होने लग जाते है | आप मानसिक और शारीरिक पीड़ा से ग्रस्त होने लगते है | नीलम को धारण करने से पहले व्यक्ति को अपनी कुंडली किसी ज्ञानी पंडित को जरुर दिखानी चाहिए की उसे नीलम पहनना चाहिए या नहीं | इस रत्न को सबसे ज्यादा प्रभाव दिखाने वाला माना गया है |

neelam ratan se judi rochak baate


किस ग्रह के लिए पहने

यह रत्न शनि ग्रह के प्रभाव अपने हित में करने के लिए पहना जाता है | शनि की साढ़े साती या ढैय्या के दुष्प्रभाव को यह कम करने की क्षमता रखता है | शनिदेव की तरह यह भी नीले रंग का रत्न है | जो व्यक्ति नीलम किसी पंडित के बताने पर अपनी कुंडली के अनुसार धारण करता है उसका भाग्य बहुत तेजी से बढ़ता है . 

क्या आप जानते है कि कैसे उत्पन्न हुए रत्न 

नीलम धारण करने से पहले और बाद ध्यान रखने योग्य बाते

  1. शनिवार के दिन मदिरा-तामसिक भोजन का त्याग करें ।
  2. विकलांग लोगों के प्रति सेवा भाव रखें।
  3. घर के वृद्ध लोगों के प्रति आदरपूर्ण व्यवहार रखें।
  4. अनावश्यक क्रोध से दूर रहे |
  5. प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष के दूसरे शनिवार को रत्न को दूध, घी, गंगाजल, तिल और मिश्री मिले जल से अभिसिंचित करें।
  6. नीलम धारण करने के पश्चात किसी को कोई झूठा आश्वासन न दीजिए नहीं तो दुष्परिणाम गंभीर होगा।
  7. नीलम धारण करने के पश्चात प्रत्येक शनिवार और शनि नक्षत्रों में पक्षियों और भूखे को अन्न दान जरूर करें।
  8. रत्न का शम्मी के लकड़ी से 108 बार "ॐ शन्नोदेवीरभिष्ट्यः आपोभवन्तुपीतये शंय्योरभिस्रवन्तुनः " मंत्र के उचारण के अभिषेक कीजिए। इस मंत्र इस रत्न को शक्ति देकर जाग्रत करेगा |

नीलम के फायदे (Benefits of Neelam)

आइये जानते है कि न नीलम रत्न को पहनने से कौनसे लाभ होते है


  1. नीला पुखराज धारण करने से मन अशांत नहीं होता है।
  2. माना जाता है कि नीलम धारण करने से ज्ञान तथा धैर्य की वृद्धि होती है।
  3. नीलम वाणी में मिठास, अनुशासन तथा विनम्रता पैदा करता है।
  4. राजनेताओं और राजनीति से जुड़े लोगों के लिए नीलम लाभकारी माना जाता है। कहा जाता है कि इसे धारण करने से नेतृत्व क्षमता बढ़ती है।.  
  5. माना जाता है कि जो जातक तनाव तथा चिंताओं से घिरे हों उन्हें नीला पुखराज अवश्य धारण करना चाहिए।

सारांश 

  1. ज्योतिष में बहुत से रत्नों की बात की गयी है जो राशि अनुसार व्यक्ति को पहनना चाहिए . इन सभी रत्नों में सबसे ज्यादा प्रभावशाली रत्न नीलम को बताया गया है . यहा हमने नीलम को धारण करने से जुड़ी बहुत सी रोचक बातें आपको बताई है .  आशा करता हूँ आपको यह पोस्ट जरुर पसंद आई होगी.

Post a Comment

Previous Post Next Post