दीपावली का पौराणिक महत्व और कहानी

किन कारणों से मनाई जाती है दीपावली, क्या कहते है पुराण ?   भारत में हिन्दू धर्म के लोगो के लिए सबसे बड़ा त्यौहार दीपावली का माना जाता है | दीपावली दीपो को प्रज्वलित कर रोशनी करने का त्यौहार है |

deepawali ka pouranik mahtav

यह सकारात्मक उर्जा वाली रोशनी नकारात्मक उर्जा वाले अंधकार को दूर करने वाली है | दीपवाली की रात्रि सबसे ज्यादा रोशन होती है | हर घर दुकान में उजाला अपने चरम पर होता है | हो भी क्यों ना | यह दिन त्योहारों का राजा जो है | दिवाली के साथ कई रोचक और महिमापूर्ण पौराणिक घटनाये जुडी हुई है | आइये जाने | पढ़े दीपावली पर  लक्ष्मी से जुड़े 51 उपाय धन प्राप्ति के लिए

वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे श्री राम

दीपावली पर दीप जलाने की परम्परा शायद अयोध्या के लोगो ने ही की थी | इसी रात्रि को श्री राम लक्ष्मण और माता सीता अयोध्या वनवास काट कर आये थे | प्रजा ने उन सभी का स्वागत घी के दीपक जला कर किया था | तब से दीपावली पर दीपक जलाने की प्रथा शुरू हुई |

माँ लक्ष्मी और धन्वंतरि का अवतरण

देवताओ और असुरो के बीच जब समुन्द्र मंथन हुआ तब उसमे से दिवाली के दिन ही विष्णु प्रिया लक्ष्मी और ओषधी के देवता धन्वंतरि प्रकट हुए थे |

कृष्ण ने किया नरकासुर का वध

द्वापर युग में विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने दीपावली के दिन ही अत्याचारी राजा नरकासुर का वध किया था | लोगो ने प्रसन्नता और उल्लास के लिए घी के दीप जलाये थे |

नरसिंह अवतरण

पौराणिक मान्यताओ के अनुसार दीपावली के दिन का महत्व इसलिए भी है की इसी दिन भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए विष्णु ने भगवान नरसिंह जी का अवतार लिया था |

स्वामी रामतीर्थ जन्म और समाधी

ब्राह्मण जाति के स्वामी रामतीर्थ का दिवाली के दिन ही जन्म हुआ था | यह बहुत बड़े ज्ञानी थे |

महर्षि दयानन्द

आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानन्द ने दीपावली के दिन ही अजमेर के निकट अवसान लिया था |

स्वर्ण मन्दिर का शिलान्यास

सिख संप्रदाय के लिए भी दिवाली बहुत महत्व रखती है | दीपावली के दिन ही 1577 ई. में स्वर्ण मन्दिर का शिलान्यास हुआ था।

दीपावली पर कौनसे काम नही करने चाहिए

भैया दूज पर्व का पौराणिक महत्व और महिमा और यमराज और यमुना से सम्बन्ध 

कार्तिक महीने का महत्व और आने वाले व्रत त्योहार 

सारांश 

  1. भारत का सबसे बड़ा पर्व है दीपावली और इसको मनाये जाने के पीछे बहुत से कारण है . ये कारण जुड़े है श्री राम से , कृष्ण से और माता लक्ष्मी से . आशा करता हूँ आपको यह पोस्ट जरुर पसंद आई होगी 


Post a Comment

Previous Post Next Post