भैरव नाथ बाबा के 6 प्रसिद्ध मंदिर

शिव के पंचम अवतार को भरण पोषण करने वाले देवता भैरवनाथ की कीर्ति का जितना वर्णन करे उतना ही कम है | इनका तामसिक रूप काल भैरव तो सौम्य रूप बटुक भैरव का है | आइये जानते है भारत में इनके विख्यात और प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में :-

भैरव नाथ जी के प्रसिद्ध मंदिर कौनसे है

काशी का काल भैरव मंदिर :

भैरव को समस्त ब्रह्माण्ड में काशी की भूमि ही एकमात्र ऐसी जगह मिली जहा उन्हें ब्रहम हत्या के पाप से मुक्ति मिली | शिव कृपा से उन्हें काशी नगरी का कोतवाल बनाया गया है | काशी में भैरव के 8 मंदिर है जिसमे सबसे प्रमुख है काल भैरव मंदिर | यहा के रहने वालो को दंड और पुण्य देने वाले भैरव ही है | काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के साथ भैरव के दर्शन लेना अनिवार्य है |

उज्जैन का काल भैरव मंदिर :


उज्जैन में भैरव बाबा का एक ऐसा चमत्कारी मंदिर है जो हर भक्त के द्वारा चढ़ाई गयी मदिरा का आँखों के सामने पान करते है | यह चमत्कार देखकर इस मंदिर और भैरव जी में भक्तो की अपार श्रद्धा बढ़ जाती है | ब्रिटिश समय में मंदिर के चारो तरफ खुदाई करके पता लगाने की कोशिश की गयी की आखिर यह मदिरा जाती कहाँ है | पर इन सवालों का कोई जवाब नही मिल पाया | तब श्रद्दा से अंग्रेजो ने इंग्लिश वाइन भैरव नाथ जी को पिलाई | मान्यता है की महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन का फल तभी पूर्ण होता है जब भक्त उज्जैन के काल भैरव मंदिर में भी दर्शन करते है |

नाकोडा भैरव मंदिर :

श्री नाकोडा पार्श्वनाथ भैरव तीर्थ मंदिर एक अत्यंत प्राचीन तीर्थ स्थल है जो राजस्थान के बाडमेर के नाकोडा ग्राम में स्थित है। यहा जैन समाज के तेईसवें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ की दसवीं शताब्दी की प्राचीनतम मूर्ति के साथ भैरव नाथ विराजमान है | जैन मंदिर में भैरव नाथ की मूर्ति स्वयं बटुक भैरव की इच्छा से हुई थी | गुरुदेव हिमाचल सुरिश्वर जी एक बार एक सुन्दर बालक ने दर्शन दे कर भैरव प्रतिमा को स्थापित करने की बात कही थी |

दिल्ली में किलकारी भैरव नाथ मंदिर

यह मंदिर पांडवो के समय का है | पांडवो ने एक बार धार्मिक अनुष्ठान में सुरक्षा के लिए भैरव जी को अपने साथ लेकर हस्तिनापुर आ रहे थे | दिल्ली में इसी जगह भूलवश भीम ने उन्हें यही उतार दिया | तब से भैरव का यह किलकारी भैरव मंदिर बन गया है | रविवार को इस मंदिर में भक्तो की अपार भीड़ रहती है |

श्री काल भैरव मंदिर रतनपुर

रतनपुर छतीसगढ़ में आदिशक्ति महामाया कौमारी शक्तिपीठ के प्रवेश द्वार पर सिद्ध पीठ भैरव नाथ के रूद्र रूप का मंदिर है | बाबा ज्ञानगिरी गोसाई ने यहा एक चबूतरे से मंदिर को पूर्ण करवाया | यहाँ भैरव नाथ जी की १० फीट ऊँची प्रतिमा है जो सभी मनोकामना पूर्ण करने वाली चमत्कारी मानी जाती है | इस प्रतिमा के बारे में बताया जाता है की यह शक्तिपीठ के भैरव स्वम्भू है | इस मंदिर में कई धार्मिक और सामाजिक और लोगो के कल्याण के कार्यक्रम चलाये जाते है | 

गोलू देवता मंदिर :

नैनीताल जिले के घोड़ाखाल में प्रसिद्घ गोलू देवता का मंदिर घंटियों से सुशोभित है। इन्हे यहा गौर भैरव का ही रूप माना जाता है | जिन्हें कहीं से न्याय न मिले वह गोलू देवता की शरण में पहुंचते हैं और लोगों का मानना है कि यह देवता न्याय करते ही हैं। कहते है इस मंदिर में चिट्टी भेजने से ही मन की मुरादे पूरी हो जाती है | मुराद पूरी होने पर घंटी इस मंदिर में भेट की जाती है |

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