भागवत गीता : भूलकर भी कभी इन 5 के बारे में बुरा ना सोचें, वरना होगा विनाश

Geeta Ke Anusar Kinka Kabhi Bhi Apman Nhi Karna Chahiye : धर्म ग्रन्थ जीवन की सही और सकारात्मक राह दिखाने वाले होते है | यह ज्ञान से परिपूर्ण होते है जिनका हम सभी को अनुकरण करना चाहिए | इनके बताये गये पद चिन्हों पर चलकर हम यह जीवन तो क्या आने वाले सभी जीवन या मोक्ष प्राप्त कर सकते है | हिन्दू धर्म में गीता का अत्यंत महत्व है और इसमे श्री कृष्ण ने अर्जुन के माध्यम से जगत को बताया है कि किन 5 चीजो का कभी भी अपमान नही करना चाहिए |

इन लोगो का बुरा ना सोचे

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गीता का श्लोक कृष्ण वाणी में

यदा देवेषु वेदेषु गोषु विप्रेषु साधुषु। धर्मो मयि च विद्वेषः स वा आशु विनश्यित।

इस श्लोक में बताया गया है कि जो मनुष्य देवी देवताओ , वेदों , गौ, ब्राह्मण और साधु को नुकसान पहुंचाता है वो धर्म के विरुद्ध होता है और अपने विनाश को आमंत्रित करता है। अर्थात ये सभी अत्यंत महिमावान है और सदैव पूजनीय है ।

1. देवी देवता God and Goddess

देवी देवता इस समस्त संसार को रचने वाले और न्याय प्रिय होते है | यह जगत का आधार है | इनकी पूजा अर्चना मनुष्य के लिए कल्याणकारी है | देवी देवताओ का अपमान करना नास्तिकता का प्रमाण है ताओं को अपमानित कर अपने विनाश को स्वयं ही आमन्त्रित किया और एक दुखद अंत को प्राप्त हुए।

2. वेद पुराण -Religious Ved Puran

हिन्दू धर्म की नींव वेद पुराणों में बताई गयी धार्मिक बातो पर ही टिकी है | यह धर्म का आईना है | स्वयं ईश्वर ने इन्हे रचा है जिससे मानव जीवन सफल हो सके | कभी भी इन वेद पुराणों का अपमान नही करना चाहिए अन्थया अनर्थ हो जायेगा |

3. गौ माँ Cow

हिन्दु धर्म में गाय को माँ का स्थान प्राप्त है | इसका दूध माँ के दूध के समान पवित्र और रोग नाशक है | गौ माँ शांत जीव है और समुन्द्र मंथन में कामधेनु गाय के रूप में प्रकट हुई थी | इसमे सभी 33 कोटि देवी देवताओ का वास बताया है | शास्त्रों में बताया गया है कि हर दिन गौ माँ के पैर लगी मिटटी से मस्तिस्क पर तिलक लगाना चाहिए | गाय के खिलाफ होने वाली हिंसा को हिन्दु धर्म में पाप की संज्ञा दी गई है। गौ के ऊपर किये गये अत्याचार का भोग एक ना एक दिन हर किसी को भोगना पड़ेगा |

4. ब्राह्मण और साधू संत Brahman and Holy Saint

ब्राह्मण या साधु संतो दुसरो को ईश्वर से मिलने का मार्ग बताते है । इन्हे धार्मिक ज्ञान के सागर बताया गया है | इसलिए आमजन के लिए इनका स्थान सदैव ऊंचा होता है | इनके प्रति हमेशा सम्मान और आदर का भाव रखना चाहिए | इन लोगो का तिरस्कार और अपमान करने से दुर्भाग्य का उदय हो जाता है |

5. माता पिता और गुरुजन

माता पिता और गुरुजन ईश्वर के तुल्य होते है . इनका हमेशा सम्मान करना चाहिए . ये हमेशा निस्वार्थ भाव से आपको आगे बढ़ते हुए ही देखना चाहिए . ये तीनो ऐसे ही कि आप इनसे भी ज्यादा तरक्की करेंगे तो यह आपसे खुश ही होंगे . 

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सारांश 

  1. तो दोस्तों यहा श्रीमद् भगवद्-गीता  से आपने जाना गीता जी का महत्व और इन्हे मिलने वाली अनमोल शिक्षाओ के बारे में  .  आशा करता हूँ कि आपको यह पोस्ट जरुर पसंद आई होगी . 

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