कर्कोटक नाग तीर्थ स्थल जहा है नाग लोक तक जाने वाला कुआँ

KarKotak Naag Tirth Sthal Kunwa क्या आप जानते है की भारत में एक ऐसी जगह है जहा स्तिथ कुआँ नागलोक (Snake World) तक जाता है | हिन्दू धर्म सभी युगों में नागो को पूजनीय माना गया है | शिवजी के गले में वासुकी नाग तो विष्णु की शैय्या है शेषनाग | शेषनाग ने तो विष्णु के अवतार श्री राम और कृष्ण का साथ देने के लिए लक्ष्मण और बलराम के रूप में अवतार भी लिया है |

नाग लोक तक जाने वाला कुंवा


नागो को पूजने के दिन नाग पंचमी का भी महत्व हिन्दू त्योहारों में है | काशी शिव की नगरी में ही एक नाग वासुकी मंदिर है जहा कालसर्प दोष का उपाय किया जाता है |

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कर्कोटक नाग तीर्थ कहाँ है ? 

नाग देवताओ से जुड़ा यह नाग लोक को जोड़ने वाला स्थान उत्तर प्रदेश के वाराणसी (काशी ) के नवापुरा क्षेत्र में है .ऐसी प्रबल मान्यता है कि इस कुंवे के नाग पंचमी के दिन दर्शन करने से कालसर्प दोष दूर होता है   .  यही कारण है कि देश विदेश से लोग नागपंचमी के दिन यहा आते है और नागो का आशीर्वाद लेते है . 

कर्कोटक नाग तीर्थ स्थल काशी


कर्कोटक नाग तीर्थ का महत्व (Importance)

यहा इस तीर्थ स्थल को लेकर लोगो की आस्था अत्यंत है और यह मान्यता है की इस कुवे के पानी से स्नान करने से मनुष्य पापो के फल से मुक्त होता है | यदि यहा कोई भक्त स्नान कर ले तो उसे नाग दोष से मुक्ति प्राप्ति होती है |

बताया जाता है करकोटक नाग तीर्थ के नाम से विख्यात इसी नागलोक को जाने वाले स्थान पर के महर्षि पतंजलि ने व्याकरणाचार्य पाणिनी के महाभाष्य की रचना की थी।

यह कितना गहरा है , इसे आज तक नही जाना जा सका है क्योकि इसका सम्बन्ध पाताल लोक से बताया जाता है .  

➜ करोड़ो शिवलिंग विराजित है इस मंदिर में 

शिव प्राचीन मंदिर 

यहा एक बहुत ही प्राचीन मंदिर है जिसमे भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाती है . यह शिव को नागो का स्वामी नागेश्वर कहा जाता है .  यहा मिले शिलायंस के अनुसार इस मंदिर का जीर्णोदार 3000 साल पहले हुआ था , अब आप सोच सकते है कि फिर यह मंदिर कितना पुराना होगा .  

शिवलिंग प्राचीन मंदिर


नागपंचमी को होती है विशेष पूजा Snake Worship Day

चुकी यह कुंवा नागलोक का धरती से द्वार है अत: नागो के मुख्य पूजन दिवस पर यहा हजारो भक्त आकर नागो के लिए पूजा कर्म करते है | वे दूध शहद से इस कुवे को सींचते है और विनती करते है की उनके पाप दूर हो |

सारांश 

  1. तो दोस्तों आपने उस चमत्कारी और दिव्य कुंवे के बारे में जाना जिसकी गहराई नागो के लोक तक जाती है . साथ ही आपने जाना कि यहा कैसे कालसर्प दोष मुक्ति की पूजा अर्चना की जाती है . यहा इस मंदिर को कर्कोटक नाग तीर्थ स्थल के नाम से जाना जाता है . 

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