इसलिए भगवान शंकर अपने शीश पर चंद्र को धारण किए हैं!

शिव का रूप सबसे अलग है | भस्म धारण करने वाले शिव , लम्बी जटाओ में गंगा का वास रुद्राक्ष के आभूषण  , नागो से सजे हुए भगवान शिव की की हर छवि में हर मूर्ति में उनकी जटाओ में अर्ध  चंद्रमा दिखाई देते है | क्यों त्रिपुरारी शंकर ने अपने शीश पर चंद्र को धारण किया है ? आइये जानते है महा योगी शिवजी के इस श्रंगार के पीछे का रहस्य |

महायोगी के मन को रखते है शांत

शिव इस जगत के सबसे बड़े योगी , तपस्वी और तांत्रिक है | सभी देवी देवताओ में भगवान शिव ही एकमात्र ऐसे है जो कैलाश पर्वत पर अपने ध्यान में बैठे रहते है | ध्यान और साधना करने वालो के लिए मन का शांत रहना अत्यंत आवश्यक है | ज्योतिष विज्ञान के अनुसार मन का कारक चन्द्र देवता (चंद्रमा ) है | अत: शिवजी अपने मन को साधना में एकाग्रह रखने के लिए चंद्रमा को धारण किये हुए है | मस्तिष्क पर अर्ध चन्द्र उनकी साधना में परम शांति देता है . 

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चन्द्र को धारण करने की पौराणिक कथा

दक्ष प्रजापत‌ि ने अपनी 27 कन्याओं का विवाह चंद्रमा से कर दिया पर चंद्रमा को सिर्फ रोहिणी का सौंदर्य से प्रेम था | बाकि सभी पुत्रियों ने यह बात जब दक्ष को बताई थी दक्ष ने चन्द्रमा को क्षय होने का शाप दे द‌िया | चन्द्र देवता का शरीर प्रतिदिन क्षीण होने लगा | अब उन्होंने अपनी रक्षा के लिए भगवान शिव की घोर तपस्या की | उनकी तपस्या स्थली गुजरात का सोमनाथ ज्योतिर्लिंग रहा | शिव ने अंत में चंद्रमा को दर्शन दिए और प्रसन्न होकर चंद्रमा को अमरत्व का वर प्रदान किया और उन्हें अपने शीश  पर स्‍थान द‌िया। दक्ष की सभी कन्याये नक्षत्र बन गयी और चंद्रमा हर दिन एक एक के पास जाने लगे |

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नीलकंठ को राहत देता है चाँद

शिव जी के शीश पर चन्द्र को धारण करने के पीछे एक और रहस्य है जो देवताओं और असुरों के बीच समुद्र मंथन की कथा के माध्यम से आता है | इस सागर मंथन में जब हलाहल विष निकला तो उसे महादेव ने अपने कंठ में धारण कर लिया | शिवजी का शरीर विष प्रभाव से अत्यधिक गर्म होने लगा। अब इस अत्यधिक गरमाहट को दूर सिर्फ शीतलता की कर सकती थी . पुरे ब्रहमांड में चंद्रमा ही सबसे शीतल माना जाता है अत:  शिवजी के शरीर को शीतलता मिले इस वजह से उन्होंने चंद्र को धारण किया।

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सारांश 

  1. तो दोस्तों भगवान शिव शंकर ने अपने शीश पर चंद्रमा को क्यों धारण कर रखा है उसके पीछे बहुत सी कथाये है  . मुख्य सार यह है कि शिव के अनोखे रूप को चंद्रमा सजाता है और शिव को शांत रखता है .  आशा करता हूँ आपको यह पोस्ट जरुर पसंद आई होगी. 

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